20/02/2018

जब तुम ही एक हृदय में हो

Neelendra Shukla " Neel "

जब तुम ही एक हृदय में हो
फिर क्या है ये दुनिया सारी ।।

है तुमसे ही इक प्रीति मेरी
मैं क्या जानूँ दुनिया - दारी  ।।

मेरी दुनिया तुम मेरी धड़कन तुम
तुम ही साँसें मेरी तड़पन तुम
तुम बिन ऐ मेरे जीवनधन
लगती मुझको दुनिया भारी ।।

जब तुम ही एक हृदय में हो
फिर क्या है ये दुनिया सारी ।।

है तुमसे ही इक प्रीति मेरी
मैं क्या जानूँ दुनिया - दारी

संसार भरा मैखाना है
मैं और कहीं भी जाऊँ ना
हो सारी दुनिया साथ मगर
मैं फिर तुम्हें भुलाँऊ ना ।।

संग - संग मैं तेरे साथ रहूँ
ऐसी हो कुछ अपनी यारी ।।

जब तुम ही एक हृदय में हो
फिर क्या है ये दुनिया सारी ।।

है तुमसे ही इक प्रीति मेरी
मैं क्या जानूँ दुनिया - दारी ।।

वो गज़लें मेरी महक उठी
जबसे तुमको मैं पाया हूँ
अब चाँद - सितारे दिखते हैं
तेरे पास मैं जब से आया हूँ

जब साथ हमेशा तेरा हो
फिर जीने की क्या तैय्यारी ।।

जब तुम ही एक हृदय में हो
फिर क्या है ये दुनिया - सारी ।।

है तुमसे ही इक प्रीति मेरी
मैं क्या जानूँ दुनिया - दारी ।।

12/02/2018

मैं तुम्हें भुलाना चाहूँगा तुम चाहे मुझे भुलाओ ना


Neelendra Shukla " Neel "
कल साँझ हमारे साथ रही अब छोड़ मुझे इतराओ ना
मैं तुम्हें भुलाना चाहूँगा तुम चाहे मुझे भुलाओ ना ।।

गर दूर तुम्हें जाना ही था इक बार बता के जाती तो
तुम कह देती दिल की बातें पर एक बार तुम आती तो    
अब धड़कन से तेरी यादों को, तेरे सपनों को, तेरे वादों को
यूँ हमें भुला देना होगा उन प्यारी सी मुलाकातों को
 
कुछ ख्वाब टूट कर बिखर गये अब सपने मुझे दिखाओ ना

हर बार तुम्हारे रूठने पर हर बार मनाया करता था
हर बार तुम्हें अपनाने को तेरे पास मैं आया करता था
इस बार हुआ है क्या ऐसा क्यों फेर लिए मुँह तुम हमसे
मैं खुशियों में जीने वाला क्यों जोड़ दिया रिस्ता गम से

अब कैसे मैं जी पाऊँगा थोड़ा सा तुम्हीं बताओ ना

वो सर्द रात की कुछ यादें कुछ याद दिलाया करती थी
हम दोनों संग - संग होते थे जन्नत दिखलाया करती थी
दिल के हर चौखट तेरे थे, दिल का सारा आँगन तेरा
पर मैं तो एक खिलौना था, था कोई मनभावन तेरा

उस बार सही, इस बार सही, अब यूँ ही मुझे रुलाओ ना

हर पल इक तुमको खोजा था हर पल तुमको ही पाया था
इतना जादू था चाहत में अपनों से हुआ पराया था
यूँ नदी किनारे बैठ साँझ हम स्वप्न सजाया करते थे
तुम मुझे बुलाया करती थी हम तुम्हें बुलाया करते थे

अब जान गया सारा किस्सा हे प्रियवर ! मुझे बुलाओ ना

आँखें जब मेरी खुलती थी बस इक ही चेहरा दिखता था
उसकी आँखों में जादू था इक सागर गहरा दिखता था
वो मुझमें खूब महकती थी मैं उसमें खूब महकता था
नयनों से वो बातें करती उस पर मन खूब बहकता था

तुमने तड़पाया बहुत मुझे अब और मुझे तड़पाओ ना

मुझको तुमने क्या सोचा है मुझको तुमने क्या जाना है
हर कदम - कदम पे साथ रहा फिर भी क्यूँ न पहचाना है
मधुशाला अब  जाता हूँ मैं शायद तुम मेरे साथ नही
इन हाँथों में अब प्याला है शायद अब तेरा हाथ नही

मैं छककर पी के आया हूँ नयनों से जाम पिलाओ ना

कल साँझ हमारे साथ रही अब छोड़ मुझे इतराओ ना
मैं तुम्हें भुलाना चाहूँगा तुम चाहे मुझे भुलाओ ना ।।

कान्हा से इश़्क करके बदनाम हो गई


कान्हा से इश़्क करके बदनाम हो गई ..........

कान्हा से इश़्क करके बदनाम हो गई
ऐसी हुई मैं बावरी पहचान हो गई

कृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण - कृष्ण
श्रीकृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण - 2

मेरा इश़्क कृष्ण, मेरा प्यार कृष्ण
मेरी जीत कृष्ण, मेरी हार कृष्ण
मेरा रंग कृष्ण, मेरा रूप कृष्ण
मेरी छाया है मेरा धूप कृष्ण
मेरा दुश्मन भी मेरा यार कृष्ण
है सागर में पतवार कृष्ण
मेरे सपनों को मंजिल देगा
बस इक तू पारावार कृष्ण ।

हे कृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण - कृष्ण
श्रीकृष्ण - कृष्ण, राधे कृष्ण - 2

इस राह कृष्ण, उस राह कृष्ण
कर दो पूरी सब चाह कृष्ण
संग - संग चलते हो साँसों में
रक्षक हो तुम संत्रासों में
पर्वत में भी तुम, कण में भी
दिखते हो प्रेम में, रण में भी
हैं रूप तुम्हारे इतने कि -
दिखते महलों में, वन में भी

हे कृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण कृष्ण
श्रीकृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण  - 2

है शत्रू भी वो मित्र कृष्ण
है पावन परम पुनीत कृष्ण
मनका हैं हम वो माला है
हम मधुशाला, वो प्याला है
मेरा मौला है मेरा काज़ी भी
है प्रेमी वो सन्यासी भी
इक राह चुनो नितकर्म करो
हो जाएँगें वो राज़ी भी

हैं कृष्ण कृष्ण, वो कृष्ण कृष्ण
श्रीकृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण - 2

हैं वायु में वो और जल में भी
हैं आज में वो और कल में भी
मेरी मन्नत में, मेरी चाहत में
दिखते हैं वो हर आहट में
हैं सुबह हमारी शाम भी वो
हैं धर्म मेरा ईमान भी वो
इक पीर हरण करने वाले
नटखट है कान्हा श्याम भी वो

हे कृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण कृष्ण
श्रीकृष्ण कृष्ण, राधे कृष्ण
हाँ कृष्ण कृष्ण, श्रीकृष्ण कृष्ण
राधेकृष्ण कृष्ण, श्रीकृष्ण ।।

04/02/2018

तेरी अँख से हुआ बेकाबू नि हाये मैनू दिल लुटेयाँ

Written By Me ......

तेरी लक नें किया ऐसा जादू नि हाये मेरा दिल लुटेयाँ
तेरी अँख से हुआ बेकाबू नि हाये मैनू दिल लुटेयाँ

त्वाडि अँख नु लगे हैं शराबी, शराबी
गल्ल लग दियाँ गुलाबी,
साडि इस थ्वाडि चाल नु दिल लुटेयाँ
गोरी लग दि कुड़ी पंजाबी,

नि हाये मैनू दिल लुटेयाँ, पराँदा इन्ना शोणा लगेयाँ ।

तेरी लक नें किया ऐसा जादू नि हाये मेरा दिल लुटेयाँ
तेरी अँख से हुआ बेकाबू नि हाये मैनू दिल लुटेयाँ

NOT NOW COMPLETED STILL I'M WORKING IN THIS PANJABI LYRICS ..........

तुम मेरा नाम लेके न बैठो मैं तो बेवक्त का मुसाफिर हूँ

नीलेन्द्र शुक्ल " नील "

तुम मेरा नाम लेके न बैठो मैं तो बेवक्त का मुसाफिर हूँ
खुद को बदनाम करके न बैठो मैं तो बेवक्त का मुसाफिर हूँ

मुझे समझो, मुझे जानो, मुझे देखो, पहचानो
मेरी यादें, मेरी बातें, मेरी साँसें, मेरी रातें
मुझे भुला दो, मैं प्रेमी नही, मैं काफिर हूँ

तुम मेरा नाम लेके न बैठो मैं तो बेवक्त का मुसाफिर हूँ
खुद को बदनाम करके न बैठो मैं तो बेवक्त का मुसाफिर हूँ

मेरी निगाहें तुम्हें आवाज़ देती हैं
तेरी दुवाएँ नये परवाज़ देती हैं
उड़ता पंक्षी हूँ मैं पहला, और आखिर हूँ

तुम मेरा नाम लेके न बैठो मैं बेवक्त का मुसाफिर हूँ
खुद को बदनाम करके न बैठो मैं तो बेवक्त का मुसाफिर हूँ 

02/02/2018

मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई


नीलेन्द्र शुक्ल " नील "

मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई
वो खड़ी थी जहाँ पे खड़ी रह गई - 2
मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई -2

क्या कभी राधिका थी अलग कृष्ण से
तुम कहो मैं रहूँगा कहाँ सृष्टि में
छोड़कर तुम कहाँ से कहाँ कर गई

मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई -2

तार - दिल के सभी तोड़ कर क्यूँ गये
क्यूँ गये राह में छोड़कर क्यूँ गये
मेरे सपनों का तुम खात्मा कर गई

मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई -2

क्या हुआ बीच में क्यों हुई तुम खफा
मौत दे दो मुझे पर नही ये सजा
यूँ अकेला मुझे बेवफा कर गई ।

मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई  -2

मेरी गलियों में अब चाँद निकले भी तो
क्या करूँगा, जमाना ये पिघले भी तो
हुश्न को इश्क से तुम जुदा कर गई

मुझसे पहले मेरी आत्मा मर गई -2
वो खड़ी थी जहाँ पे खड़ी रह गई
मुझसे पहले मेरी ला र ला ला र ला
हूँ हुँ हूँ हूँ हुँ हूँ आह हा आह हा

29/01/2018

पी जाओ पानी जैसे इस गीले बदन को तुम

A Good Lyrics According To Me ........

पी जाओ पानी जैसे इस गीले बदन को तुम ,
मिल जाऊँ नदियों सी मैं सागर हो जाओ तुम

पास हमारे आओ भी न यूँ शरमाओ तुम
पी जाओ पानी जैसे इस गीले - बदन को तुम

कपड़े - सपड़े छोड़ो थोड़ा हुश्न दिखाओ तुम
पी जाऊँगा मैं तुमको जरा पास तो आओ तुम

बारिश की इन बूंदों को मुझपे बरसाओ तुम
पी जाऊँगा मैं तुमको ज़रा पास तो आओ तुम

जो भी करना है कर ले आजा तू मेरे घर
कहीं और मत जाना बेबी आके मुझपे मर
जैसा मैं सोची थी बिल्कुल वैसे निकले तुम
जी जाओ पानी जैसे इस गीले बदन को तुम

आग लगी है तन - मन में आ अगन बुझाओ तुम
पी जाओ पानी जैसे इस गीले बदन को तुम

हुश्न तुम्हारा यूँ जादू कर जाएगा
शर्म - हया सब छोड़ आग - भड़काएगा
चल फिर थोड़ा मूड बना ह्विश्की दे थोड़ा रम
पी जाऊँगा मैं तुमको ज़रा पास तो आओ तुम

जो भी होगा आगे पीछे सब सह लेना तुम
पी जाऊँगा मैं तुमको ज़रा पास तो आओ तुम

पी जाओ पानी जैसे इस गीले बदन को तुम
मिल जाऊँ नदियों सी मैं सागर हो जाओ तुम

कपड़े - सपड़े छोड़ो थोड़ा हुश्न - दिखाओ तुम
पी जाऊँगा मैं तुमको ज़रा पास तो आओ तुम

Please Don't Think wrong About This Lyrics Because I'm Trying to Describe Many Types of Lyrics in Different types of Situation According To Bollywood. So See This As A Lyrics  I hope you will Understand Me in Right & Proper Way.
If You Have Any Doubt so You Can Ask Me ....
THANK YOU ........



जब तुम ही एक हृदय में हो

Neelendra Shukla " Neel " जब तुम ही एक हृदय में हो फिर क्या है ये दुनिया सारी ।। है तुमसे ही इक प्रीति मेरी मैं क्या जान...