18/10/2017

मेरी ज़िन्दगी में तुम , कुछ यूँ आओ ( Lyrics )

मेरी ज़िन्दगी में तुम , कुछ यूँ आओ
कि मेरी सुब्ह - शाम हो जाए
कि मेरे दिन - रात हो जाएँ
मैं भीगूँ बाँहों में तेरी
कि यूँ बरसात हो जाए
हो जाए ऽऽ , हो जाए ऽऽ

मेरी ज़िन्दगी में तुम , कुछ यूँ आओ
तेरा चेहरा दिखे हर पल
तेरे संग आज़ गुज़रें कल
तेरी परछाईं बन घूमूँ
तुम्हें चाहूँ , तुम्हें पूजूँ
मैं पूजूँ  ऽऽऽ, मैं पूजूँ  ऽऽ


so now it is not complete when i'll complete it then i'll remove this particular line .....
Thank You .  

17/10/2017

तुम आँखों से यूँ देखो मैं दिल देखता हूँ ( its totally lyrics )

तुम आँखों से हाँऽऽऽ ..... तुम आँखों से यूँ देखो ओऽऽऽ ....
तुम आँखों से यूँ देखो मैं दिल देखता हूँ

तेरी यादों की बारिश में तेरे संऽऽभीऽगता हूँऽऽ
तुम आँखों से हाँ ऽऽ
यूँ आँखों से तुम देखो मैं दिल से देखता हूँ   ( For boy )

तुम आँखों से, ला र ल र ला , तुम आँखों से यूँ देखो हाँऽऽऽ
तुम आँखों से यूँ देखो मैं दिल देखती हूँ

तेरे ख़्वाबों की मंज़िल तेरे संग देखती हूँ
तुम आँखों से, ला र ल र ला,
यूँ आँखों से तुम देखो मैं दिल से देखती हूँ ( for girl )

अँगड़ाई लेती लहरें शाहिल से टकराती हैं 
इतना तुझको मैं चाहूँ हर पल तू याद आती है 
कितना गहरा है सागर कितना ऊपर है अम्बर 
जो तू संग - संग चल दे तो, मैं मिल देखता हूँऽऽऽ ( for boy )

तुम आँखों से हाँऽऽऽ ..... तुम आँखों से देखो ओऽऽऽ ....
तुम आँखों से यूँ देखो मैं दिल देखता हूँ

तू हवा के झोंके जैसा मेरे दिल का चैन चुराए 
तू आये ऐसे दिल में मुझको पागल कर जाए 
दीदार तेरा करना है तुझ संग जीना मरना है 
तू पास जरा आए तो, मैं मिल के देखती हूँऽऽऽ ( for girl )

तुम आँखों से, ला र ल र ला , तुम आँखों से यूँ देखो हाँऽऽऽ
तुम आँखों से यूँ देखो मैं दिल देखती हूँ

तेरी यादों की बारिश में तेरे संऽऽग भीऽगता हूँऽऽ  ( For boy )
तेरे ख़्वाबों की मंज़िल तेरे  संग देखती हूँऽऽ  ( for girl )

यूँ आँखों से तुम देखो मैं दिल से देखता हूँ  ( For boy )
यूँ आँखों से तुम देखो मैं दिल से देखती हूँ ( for girl )


हर मुश्किलें जो तेरी वो मेरी ( type of lyrics )

हर मुश्किलें जो तेरी वो मेरी
हर मंज़िलें जो तेरी वो मेरी

जाओ जहाँ संग - संग मैं रहूँ
इतनी सी बस ख़्वाहिशें हैं मेरी   ( these lines for girl )

समझो ना तुम मेरे दिल की ज़फ़ा
पास रहोगी तुम्हीं तुम सदा

कैसे तुम्हें भूल पाउँगा मैं
आवाज़ दूँगा ,बुलाऊँगा मैं  ( ....for boys )

दिल में मेरे तुम यूँ  आ जाना
जैसे लकीरें हाँथों में        ( for girl )

वादा है तुमसे जानेमन
हाँ , हम जियेंगे साथ में  ( for boys )

its not now complete now i'm working on this work .... 

15/10/2017

याद अभी है

तुमको घर तक छोड़ के आना याद अभी है
तुमसे दिल के राज़ बताना याद अभी है

इक संसार मेरा था बचपन की यादों का
उसमें तेरा झूम के आना याद अभी है

घर के कोने - कोने में यूँ दौड़ - भागकर
वो तेरा पायल छनकाना याद अभी है

दिल में मेरे दर्द उट्ठा था तेजी से कुछ
और तेरा वो दौड़ के आना याद अभी है

हुश्न - मुहब्बत जलवे तेरे सारे संग थे
ऐसे में बारिश का आना याद अभी है

नादानी करता था जब मैं  जानबूझ कर
और तेरा बातें समझाना याद अभी है

गुम हो जाऊंगा इक दिन ये मुल्क छोड़ कर
फिर मत कहना इक दीवाना याद अभी है

  

याद हैं

हौले - हौले इश्क़ में वो दिल लगाना याद है
याद है हमको अभी भी वो ज़माना  याद है

रात में तनहाइयाँ आकर सताती हैं मगर
देखना मुझको तेरा वो मुस्कुराना याद है

याद हैं मुझको अभी अँगड़ाइयाँ  भरना तेरा
हाँथ से आँखों पे वो पर्दा लगाना याद है

एक आहट जो तेरी आती है मुझको हर जगह
वो तेरा पीछे से आ मुझको सताना याद है

शाम होते ही तेरी आँखों की वो नजरें - बयाँ
और बागों में तेरा मिलना - मिलाना याद है

इस जगह से उस जगह की दूरियाँ काफ़ी मगर
वो तेरी बचपन की इक तस्वीर पाना याद है

इश्क़ अपना यूँ मुकम्मल ही रहा है  उम्र - भर
लाख़ - तूफ़ानों का आना और जाना याद है

सोंचता था एक मैं ही प्यार करता हूँ तुझे
वो मेरी तस्वीर को दिल से लगाना याद है

11/09/2017

तू चली आ , तू चली आ , तू चली आ अब यहाँ ( गज़ल )

मैं अधूरे ख़्वाब लेकर के बता जाऊँ कहाँ
तू चली आ , तू चली आ , तू चली आ अब यहाँ - 2

मैं कहूँ कैसे तुम्हारी आरज़ू हमको नही
चाहता हूँ मैं तुम्हें तुमसे बग़ावत है नही
किस कदर तुमसे कहूँ अपने दिलों की दास्ताँ ।। तू चली आ ....

छुप - छुपा कर देखता तुझको शज़र की छाँव में
डूब जाता हूँ मैं अक्सर उस शहर ,उस गाँव में
हैं तेरी यादें यहाँ करती मेरे मौसम जवाँ ।। तू चली आ ....

आज हो जैसे युँ ही रहना सदा तुम उम्रभर
ज़िन्दगी आसान होगी कट सकेगा ये सफर
साथ ग़र देती रही बनता रहेगा आशियाँ ।। तू चली आ ....

याद हैं मुझको तेरे चेहरे की वो ख़ामोशियाँ
तू सदा करती रही नज़रों से ही लफ़्ज़े - बयाँ
वो घड़ी , वो पल कटे कैसे हमारे दरमियाँ ऽऽऽ  ।। तू चली आ .....

भावनाओं की नदी में डूबकर हूँ सीखता
मैं घने - बादल तले अक्सर तेरे संग भीगता
यूँ गिराया ना करो ज़ुल्फों से काली बिजलियाँ ।।

तू चली आ , तू चली आ , तू चली आ अब यहाँ

मैं अधूरे ख़्वाब लेकर के बता जाऊँ कहाँ
तू चली आ , तू चली आ , तू चली आ अब यहाँ ।।

06/09/2017

कहीं चिराग जल गया शायद

आज अनन्त चतुर्दशी और शिक्षक दिवस के अवसर पर बड़े भइया और भाभी को पुत्ररत्न की प्राप्ति हुई अतः समूचे घर में उल्लास का माहौल छाया हुआ है मुझे पूरा विश्वास है कि आज मेरे पिताजी की मूछें पहले से थोड़ी टाइट और छाती पहले से कुछ और चौड़ी होगी, भइया मन ही मन खुशी से झूम रहे होंगे कि जैसे झूमती हैं लहलहाती हरी फसलें खेतों में, भाभी जी आज अपार कष्ट के बाद एक अलौकिक सुख का अनुभव कर रही होंगी बाबा आजी ,दादा दादी, चाचा चाची और सभी भाइयों भाभियों सहित बहनों में एक खुशी की लहर दौड़ रही होगी मैं बाहर (केरल) हूँ पर मुझे मालूम इस समय मेरे घर का माहौल कैसा होगा -

(मैं यहाँ बाहर हूँ पर मुझको पता है सब यहाँ
किस कदर छाया हुआ होगा मेरे घर कारवाँ )
                           नीलेन्द्र शुक्ल " नील "

कहीं पे फूल खिल गया शायद
कहीं गुलशन महक उठा शायद

मेरे पापा ख़ुशी से झूम उठे ,
कहीं चिराग जल गया शायद

जिसे थे खोजते हम रात के अंधेरों में
आज घर चाँद आ गया शायद

कई दिन बीत गए इन्तज़ार में जिसके
वही मेहमान आ गया शायद ।।

मेरे पापा = बच्चे के बाबा जी ( दादा जी )
                  

मेरी ज़िन्दगी में तुम , कुछ यूँ आओ ( Lyrics )

मेरी ज़िन्दगी में तुम , कुछ यूँ आओ कि मेरी सुब्ह - शाम हो जाए कि मेरे दिन - रात हो जाएँ मैं भीगूँ बाँहों में तेरी कि यूँ बरसात हो जाए ह...