29/07/2016

" पाकिस्तान ? "

हमें तुम जोश में न लाओ,
वरना ! राख कर देंगे ।
अगर उँगली उठी तेरी,
सुपुर्द - ए - खाक कर देंगे ।।1।।

हमारी शक्ति को ललकार मत,
शमशान कर देंगे ।
तुम्हारे पाक को पूरे हम,
कब्रिस्तान कर देंगे ।।2।।

मरे अफजल, मरे कसाब,
मरा बुरहान धरती पर ।
ये भारत है यहाँ आतड़्क किये,
तो मार हम देंगे ।।3।।

कफन सर पे सजा कर लोग,
चलते हैं शरहदों पर ।
अगर आवाज निकली तो,
कफन हम दान कर देंगे ।।4।।

मिलाएँगे नजर तब तक ,
कि जब तक शान्त बैठोगे ।
अरे हिजबुल ! जरा भी मुँह खुला,
वीरान कर देंगे ।।5।।

कभी आओ तुम अपनी,
फौज पूरी लेके भारत में ।
अगर कश्मीर को देखे,
तो कत्ले - आम कर देंगे ।।6।।

कभी खामोश शेरों के,
इशारों को समझ लेना ।
नही बोलेंगे मुख से कुछ,
लहूलुहान कर देंगे ।।7।।

सलामत चाहते खुद को,
तो गीदड़ - भपकियाँ छोड़ो ।
नही तो अपने पैरों पे,
तुम्हारी जान कर लेंगे ।।8।।

अरे नवाज ! जरा सा सोंच के,
तुम लफ्ज को बोलो ।
नही, बालक यहाँ के,
जंग का ऐलान कर देंगे ।।9।।

तुम्हें अल्लाह की रहमत,
नही मिल सकती जीवन में ।
कि जब दफ्नाएँगे हम लाश,
एक अजान कर देंगे ।।10।।

तुम्हें यह ज्ञात होना चाहिए,
कि शेर बैठे हैं ।
अगर तुम सर - हिला बैठे,
तो बन्जर - रान कर देंगे ।।11।।

नही हो जानते सईद ,
हमारी हैसियत को तुम ।
हम अपनी माँ पे अपनी,
जिन्दगी कुर्बान कर देंगे ।।12।।

अरे नापाक ! पाकिस्तानियों,
यूँ ख्वाब न देखो ।
तुम्हारे पाक पे हम अपना,
हिन्दुस्तान कर देंगे ।।13।।

मियाँ नवाज ! पुनः न बोलना,
कश्मीर को लेकर ।
हम अपनी माँ के चरणों में,
ये सारा जहान कर देंगे ।।14।।

गज़ल

एक निर्णय ले लिए फिर क्या फ़रक पड़ता खुदा या तो जन्नत राह होगी या तो दोजख का सफर जिन्दगी को आग की दरिया पे है रखना मुझे या तो मेरी ...