19/07/2017

मुहब्बत के वास्ते

दुनिया तू घूमता रहा शोहरत के वास्ते
दो - चार गज़ल बोल मुहब्बत के वास्ते

पर्वत,पठार,पेड़ ,नदी और झरोखे ,
भारत बचाए रख तू इबादत के वास्ते

हो प्रेम बेहिसाब एक - दूजे मुल्क से
इंसान बन जरा तू शराफत के वास्ते

इस देश की रक्षा में अगर प्राण भी जाँए
मिट जाऊँ सर कलम हो शहादत के वास्ते


जब तुम ही एक हृदय में हो

Neelendra Shukla " Neel " जब तुम ही एक हृदय में हो फिर क्या है ये दुनिया सारी ।। है तुमसे ही इक प्रीति मेरी मैं क्या जान...